सेना तथा अन्य हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों की परिणति 50 परिवारों को मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र में स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करके उनके उत्थान के लिए तैयार की गई परियोजना में हुई है। प्रोजेक्ट जज्बा के तहत प्रत्येक लाभार्थी को सिडबी द्वारा 40,000/- रुपये तक की सहायता प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों का उत्थान करना तथा आजीविका के साधन स्थापित करना है।
50 परिवारों में से नौ परिवारों को पूरी तरह से सुसज्जित होम स्टे की सुविधा प्रदान की गई है। ये आरामदायक तथा सांस्कृतिक रूप से प्रामाणिक आवास पर्यटकों को स्थानीय जीवन शैली का करीब से अनुभव करने का मौका प्रदान करेंगे। आगंतुकों के लिए सुखद प्रवास सुनिश्चित करने के लिए परिवारों को आतिथ्य और ग्राहक सेवा में प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इन आवासों में रहने वाले मेहमानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सामुदायिक रसोई के लिए एक परिवार को चिह्नित तथा प्रशिक्षित किया गया है। इस परिवार को कश्मीर के स्वाद को बरकरार रखते हुए विभिन्न व्यंजनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क किनारे कैफेटेरिया स्थापित करने में तीन परिवारों का समर्थन किया गया है। ये कैफेटेरिया स्थानीय तथा पारंपरिक व्यंजन परोसेंगे, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान ब्रेक लेते हुए प्रामाणिक स्वादों का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा, चार परिवारों को घोड़ों से सुसज्जित किया गया है, जिससे वे पर्यटकों को निर्देशित घुड़सवारी यात्रा की पेशकश करने में सक्षम हो गए हैं। ये यात्राएं आगंतुकों को परिवहन के पारंपरिक साधन का आनंद लेते हुए कश्मीर के सुरम्य परिदृश्यों का पता लगाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं।

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