एनआईए ने आरोप लगाया था कि आरोपियों की पहचान मोहम्मद आरिफ (42) वर्ष, निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश तथा हमराज़ वॉर्शिद शेख (27), निवासी ठाणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है, जिन्होंने भारत में भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने तथा भर्ती करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने बताया कि आरिफ बेंगलुरु में फ्रेंच अनुवादक के तौर पर काम कर रहा था दोनों आरोपियों पर यूए(पी) एक्ट तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गये है। एनआईए की जांच से पता चला है कि आरोपियों ने एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया एप्लिकेशन पर संचार किया तथा टीटीपी के सीरिया स्थित ऑनलाइन हैंडलर के साथ साजिश को आगे बढ़ाया।
दोनों आरोपी व्यक्तियों ने भारत में भोले-भाले मुस्लिम युवाओं की पहचान की तथा टीटीपी विचारधारा का प्रचार करके उन्हें कट्टरपंथी बनाने तथा भर्ती करने का प्रयास किया। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इन युवाओं को हिंसक जिहाद करने के लिए टीटीपी में शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया गया था। आरिफ ने अपने परिवार के साथ टीटीपी में शामिल होने के लिए ईरान-अफगानिस्तान सीमा के माध्यम से अवैध रूप से अफगानिस्तान में प्रवेश करने की तैयारी भी की थी। आरिफ़ ने अपने पूरे परिवार के लिए ईरानी वीज़ा के लिए आवेदन किया था तथा अपनी पत्नी तथा दो नाबालिग बच्चों सहित अपने परिवार के लिए ईरान के लिए चार उड़ान टिकट तथा भारत के लिए चार डमी वापसी उड़ान टिकट भी बुक किए थे।
अधिकारी ने कहा, "ऑनलाइन हैंडलर के निर्देश के मुताबिक, आरिफ ने ईरान के मशहद शहर के बोशरा होटल में कमरे भी बुक किए थे। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि आरोपी हमराज़ ने टीटीपी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान में पैसे भेजे थे। आरोपी व्यक्तियों का इरादा हिंसक जिहाद के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार पर कब्ज़ा करके भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने का था। आरोपी व्यक्तियों तथा संदिग्धों के खिलाफ आगे की जांच जारी है।

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