अनंतनाग मुठभेड़ : लापता सैनिक का शव छठे दिन मिला


अनंतनाग : अनंतनाग जिले के गडोले वन क्षेत्र से सोमवार को एक लापता सैनिक का शव बरामद किया गया, जबकि आतंकवादियों को खदेड़ने का अभियान मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया और सुरक्षा बल आतंकवादियों पर हमले करने के लिए उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं।

अधिकारियों के हवाले से बताया कि सेना के जवान प्रदीप का शव, जो पिछले सप्ताह बुधवार को मेजर आशीष के साथ लापता हो गया था, सोमवार को बरामद किया गया तथा उसे वापस ले जाया जा रहा है। प्रदीप की हत्या के साथ, जले हुए शव की बरामदगी सहित चल रही मुठभेड़ में मरने वालों की संख्या छह हो गई है।

यहां अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन फुटेज में पिछले पांच दिनों में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान नष्ट किए गए ठिकानों में से एक के पास एक जला हुआ शव पड़ा हुआ दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा इलाके को साफ-सुथरा करने के बाद ही इसके बारे में कोई और जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।

केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मुठभेड़ में सैनिकों तथा पुलिस अधिकारी की मौत का बदला लेने की कसम खाई है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल गुफा जैसे कई ठिकानों वाले घने वन क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन तथा हेलीकॉप्टरों का उपयोग कर रहे हैं, जहां माना जाता है कि बुधवार से गोलीबारी में दो सेना अधिकारियों तथा एक पुलिस उपाधीक्षक की हत्या के बाद आतंकवादी छिपे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर रविवार को पड़ोसी पॉश क्रेरी इलाके में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आतंकवादी नागरिक इलाकों में न घुस जाएं।

रविवार देर शाम यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि शहीदों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा और आतंकवादी आकाओं को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। सिन्हा ने कहा, "हमें अपने सैनिकों पर पूरा भरोसा है। पूरा देश जवानों के साथ एकजुटता से खड़ा है।"

उन्होंने दावा किया कि अनंतनाग में सुरक्षा बलों पर हमला जी20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन तथा जम्मू-कश्मीर में संघर्ष में मुनाफाखोरों पर कार्रवाई के कारण आतंकवादी समूहों में हताशा का परिणाम था।

सिन्हा ने कहा कि आतंकवाद तथा जम्मू-कश्मीर में आम आदमी को दबाने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने का समय आ गया है।

पुलिस महानिदेशक डीजीपी तथा सेना की 15 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड के शीर्ष अधिकारी ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। उत्तरी सेना के कमांडर ने परिचालन स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को मुठभेड़ स्थल का दौरा भी किया था। पुलिस का मानना ​​है कि दो से तीन आतंकी वन क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

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