बारामूला में बड़ा आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, लश्कर आतंकी तथा उसके 8 सहयोगी गिरफ्तार


बारामूला : जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सहयोग से उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक आतंकवादी तथा आठ सहयोगियों को गिरफ्तार करके दो प्रमुख आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं तथा एक किशोर शामिल है।

ऑपरेशन में पांच पिस्तौल, सात पिस्तौल मैगजीन, 53 पिस्तौल राउंड तथा 10 हथगोले सहित हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद हुआ।

बारामूला में पुलिस तथा सेना के अधिकारियों द्वारा आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में, बारामूला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आमोद अशोक नागपुरे ने कहा कि एक महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियान में, बारामूला पुलिस तथा सेना की 8 आरआर ने विशेष सूचना पर एक अभियान चलाया। परमपीला उरी में चेकपॉइंट पर संदिग्ध रूप से घूम रहे दो लोगों को पकड़ा गया।

उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान उनके पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, चार पिस्तौल मैगजीन, दो पिस्तौल साइलेंसर, पांच चीनी ग्रेनेड तथा 29 राउंड गोला बारूद बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि पकड़े गए दोनों व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी सहयोगियों के रूप में काम कर रहे थे तथा उनकी पहचान ज़ैद हसन मल्ला और मुहम्मद आरिफ चन्ना के रूप में हुई, जो पुराने शहर बारामूला के निवासी थे।

नागपुरे ने कहा, “गिरफ्तार किए गए आतंकी सहयोगी हथियारों तथा गोला-बारूद की सीमा पार तस्करी में शामिल थे तथा उन्हें पाकिस्तान स्थित आकाओं द्वारा दिशानिर्देश दिया जा रहा था।”

उन्होंने कहा कि जब्त किए गए हथियार तथा गोला-बारूद को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के आतंकवादियों के बीच वितरित किया जाना था।

नागपुरे ने कहा कि गिरफ्तार आतंकी सहयोगियों से निरंतर पूछताछ के दौरान, एक और आतंकी सहयोगी का नाम सामने आया, जिसकी पहचान सुरनकोट पुंछ के अफतार अहमद लोहार के रूप में हुई, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी से, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की एक बड़ी वारदात टल गई तथा ऑपरेशन की सफलता जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच घनिष्ठ तालमेल के कारण संभव हो सकी।

नागपुरे ने कहा कि जांच करते समय, बारामूला में पुलिस ने 22 सितंबर को एक लश्कर आतंकवादी को गिरफ्तार किया तथा उसकी पहचान बारामूला के जांबाजपोरा के यासीन अहमद शाह के रूप में की।

उन्होंने कहा कि आतंकवादी की गिरफ्तारी तब हुई जब बारामूला में पुलिस को इनपुट मिला कि वह अपने घर से लापता है तथा लश्कर आतंकी संगठन में शामिल हो गया है।

“मानवीय तथा तकनीकी सहायता प्राप्त करने के बाद, बारामूला में पुलिस, सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक संयुक्त टीम ने टप्पर पट्टन में चेकिंग के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी यासीन अहमद शाह को गिरफ्तार कर लिया तथा एक पिस्तौल, एक पिस्तौल सहित हथियार और गोला-बारूद जब्त कर लिया। उसके कब्जे से पिस्तौल मैगजीन और आठ जिंदा कारतूसों के अलावा आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।''

उन्होंने कहा कि बाद में पुलिस ने उसके घर से एक पिस्तौल, एक पिस्तौल मैगजीन तथा आठ जिंदा कारतूस बरामद किए।

नागपुरे ने कहा कि गिरफ्तार आतंकवादी ने लगातार पूछताछ के बाद अपने सहयोगी का नाम बताया जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान तकिया वागुरा के परवेज अहमद शाह के रूप में की गई है। उसकी गिरफ्तारी से दो हथगोले बरामद हुए।

उन्होंने कहा, "यासीन अहमद शाह तथा परवेज़ अहमद शाह से आगे की पूछताछ में दो और आतंकवादी सहयोगियों मुदासिर अहमद राथर और शौकत अहमद तकिया तथा वागिला वागूरा बारामूला को गिरफ्तार किया गया ।"

नागपुरे ने गिरफ्तार आतंकवादियों को लश्कर आतंकी संगठन के पूरे नेटवर्क में प्रमुख खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि आगे की जांच तथा गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी से लगातार पूछताछ से दो महिला आतंकवादी सहयोगियों का खुलासा हुआ, जिनकी पहचान विजिपोरा हाजिन की निगीना तथा शालतेंग श्रीनगर की आफरीना उर्फ ​​आयत के रूप में हुई। “गिरफ्तार महिला आतंकवादी सहयोगियों से दो और हथगोले बरामद हुए।”

सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बारामूला जिले में दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ यह दर्शाता है कि पाकिस्तान तथा पाकिस्तान में आतंकवादी संचालक लगातार जम्मू-कश्मीर में व्याप्त शांति को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पुंछ से आतंकवादी सहयोगी की गिरफ्तारी के साथ, यह सामने आया कि भंडाफोड़ किए गए मॉड्यूल का लक्ष्य पूरे कश्मीर के साथ-साथ जम्मू क्षेत्र में हथियार तथा गोला-बारूद की आपूर्ति करना था।

नागपुरे ने कहा कि पुलिस तथा सेना की समय पर कार्रवाई ने उनकी योजनाओं को विफल कर दिया।

उन्होंने कहा “लश्कर के आतंकवादी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के साथ, हमने उन आतंकवादियों की गतिविधियों को रोक दिया जो आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बेताब थे। पुंछ से आतंकवादी सहयोगी की गिरफ्तारी से पता चलता है कि आतंकवादी जम्मू संभाग में नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे”।

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