
उनकी व्यक्तिगत तलाशी के दौरान उनके पास से 2 ग्लॉक पिस्तौल, 2 पिस्तौल मैगजीन, 2 पिस्तौल साइलेंसर, 5 चीनी ग्रेनेड तथा 28 जीवित पिस्तौल राउंड मिले।
दोनों आतंकवादी सहयोगीयो को तुरंत हिरासत में ले लिया गया, जिनकी पहचान बाद में मीर साहब निवासी गुलाम हसन मल्ल के पुत्र ज़ैद हसन मल्ल तथा मोहम्मद आरिफ चन्ना पुत्र नजीर अहमद चन्ना निवासी स्टेडियम कॉलोनी की रूप में हुई, दोनों सहयोगी बारामूला के स्थाई निवासी बताये जा रहे है।
यहां यह कहने में कोई हर्ज नहीं है कि वे पाकिस्तान स्थित आतंकी आकाओं के इशारे पर हथियारों तथा गोला-बारूद की सीमा पार तस्करी में शामिल थे और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इसे लश्कर के आतंकवादियों को वितरित करते थे।
भारतीय शस्त्र अधिनियम और यूए (पी) अधिनियम के तहत पुलिस स्टेशन उरी में मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच की जा राहिब है।

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