स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीरी जनता तिरंगा रैली के लिए तिरंगे सिलने का काम कर रही

बारामूला, 11 अगस्त: बारामूला जिले के बोनियार तहसील के भीतर स्थित हैं सुदूर बेला क्षेत्र के मध्य में, स्कूल तथा  कॉलेज जाने वाली लड़कियों का एक समूह राष्ट्रवाद का ताना-बाना सिल रहा है। बोनियार में सेना की 15 जैकाली इकाई द्वारा एक समर्पित केंद्र की स्थापना के माध्यम से एक सिलाई केंद्र स्थापित करने की पहल संभव हो पाई है।

उनकी फुर्तीली उंगलियां केसरिया, सफेद तथा  हरे रंग के जीवंत रंगों को सावधानीपूर्वक एक साथ जोड़ती हैं, जिससे प्रतीकात्मक तिरंगे - भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण होता है। इन युवा लड़कियों ने एक उल्लेखनीय पहल की है जो उनकी शिक्षा को आजीविका के साथ खूबसूरती से जोड़ती है। जैसे ही देश 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए तैयार हो रहा है, ये लड़कियां 'हर घर तिरंगा' अभियान में योगदान देने के लिए जुट गई हैं।

विविध पृष्ठभूमि तथा  दूर-दराज के गांवों से आने वाली इन लड़कियों का साझा लक्ष्य तिरंगा बनाना है, जो पूरे देश में घरों, कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों तथा  रैली कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाएगा। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इन दृढ़ निश्चयी लड़कियों की क्षमता को पहचाना तथा उन्हें सामान्य दिनों के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण तथा अन्य सिलाई कार्यों में सहायता के लिए सिलाई मशीनों सहित आवश्यक संसाधन प्रदान किए। इस क्षेत्र में स्कूल तथा कॉलेज जाने वाली लड़कियों द्वारा लगभग चार से पांच ऐसे केंद्र चलाए जाते हैं। वे इन केंद्रों से अपनी आजीविका कमा रही हैं।

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