
नई दिल्ली, 10 जुलाई: दिल्ली की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने सोमवार को इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के चार आतंकियों दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान तथा ओबैद-उर-रहमान को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने उन्हें देश भर में आतंकवादी हमले करके देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया। विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र मलिक ने आईएम कार्यकर्ताओं को आईपीसी की विभिन्न धाराओं तथा कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
एनआईए ने सितंबर 2012 में आईपीसी की धारा 121ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश) तथा 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को सुविधाजनक बनाने के इरादे से छिपाना) तथा धारा 17 (आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाना) के तहत मामला दर्ज किया था। यूएपीए की धारा 18 (आतंकवादी कृत्य करने की साजिश), 18ए (आतंकवादी शिविर आयोजित करना), 18बी (आतंकवादी कृत्य के लिए व्यक्तियों की भर्ती करना) तथा 20 (आतंकवादी संगठन का सदस्य होना)।

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