जम्मू, 4 अक्टूबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम को जम्मू-कश्मीर के अपने बहुप्रतीक्षित तीन दिवसीय दौरे पर बहुस्तरीय सुरक्षा के बीच शीतकालीन राजधानी जम्मू पहुंचे। शाम लगभग 7:15 बजे हवाई अड्डे जम्मू पर उतरते ही उनकी यात्रा एक व्यस्त कार्यक्रम के साथ शुरू हुई।
गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद शाह की जम्मू-कश्मीर की यह तीसरी यात्रा है तथा चालू वर्ष में उनकी यह दूसरी यात्रा है। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 18 और 19 मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा किया था। इससे पहले, उन्होंने 2021 में 23 से 26 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर की चार दिवसीय यात्रा की थी।
वर्तमान में वे अपनी यात्रा के दौरान राजौरी और बारामुला में दो रैलियों को भी सम्बोधित करेंगे। इन्ही रैलियों के दौरान पहाड़ी लोगों के एसटी समुदाय के लोगों के लिए संभावित महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कर सकते है।
हवाई अड्डा जम्मू पर, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह तथा गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, एचएम शाह का उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता और नागरिक और पुलिस प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने स्वागत किया। गृह मंत्री का स्वागत करने के लिए बीजेपी कोर ग्रुप के सदस्य जैसे जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना, महासचिव (संगठन) अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह और कविंदर गुप्ता भी मौजूद थे। हवाई अड्डे से, शाह सीधे राजभवन गए, जहां विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के साथ उनकी बैठकें हुई।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री से अपने मुद्दों के साथ मिलाने वाले प्रमुख प्रतिनिधिमंडलों में राजन सिंह और अजातशत्रु सिंह के नेतृत्व वाली युवा राजपूत सभा (वाईआरएस) शामिल हैं, गुलाम अली खटाना (एमपी) के नेतृत्व में गुर्जर बकरवाल (एसटी) प्रतिनिधिमंडल, विबोध गुप्ता (पूर्व एमएलसी) के नेतृत्व में पहाड़ी प्रतिनिधिमंडल, डीडीसी पद्दार हरि कृष्ण के नेतृत्व में पद्दार प्रतिनिधिमंडल, सरबजीत सिंह जोहल और डीडीसी सदस्य रामगढ़ के नेतृत्व में सिख प्रतिनिधिमंडल था।
वाईआरएस प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करने के लिए गृह मंत्री को धन्यवाद दिया और राजपूत कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की। प्रतिनिधिमंडलों ने डोगरा प्रमाण पत्र जारी करने और SKUAST जम्मू का नाम बाबा जित्तो कृषि विश्वविद्यालय के रूप में नामित करने से संबंधित मांगों को भी उठाया।
गुर्जर-बकरवाल, गद्दी, सिप्पी, पहाड़ी और कोलियों की ओर से मिले खटाना ने गुर्जरों को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए गृह मंत्री का आभार जताया, वन अधिकार अधिनियम का कार्यान्वयन और आदिवासी कल्याण योजनाओं का शुभारंभ धारा 370 को निरस्त करने के बाद हुआ है।
शाह रात में राजभवन में ही ठहरे
राजौरी में सार्वजनिक रैली सहित अपने विशिष्ट आधिकारिक कार्यक्रमों को शुरू करने से पहले, शाह 4 अक्टूबर की सुबह त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित श्री माता वैष्णोदेवी मंदिर में दर्शन करेंगे। वहां से वह सीधे राजौरी जिले में अपनी जनसभा को संबोधित करने के लिए जाएंगे।
सूत्रों ने कहा, "वहां से वह जम्मू लौटेंगे और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मिलेंगे तथा अपनी महत्वपूर्ण यात्रा के दूसरे चरण में श्रीनगर जाने से पहले शीतकालीन राजधानी में कन्वेंशन सेंटर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और आधारशिला रखेंगे। एलजी सिन्हा मंगलवार को श्रीनगर में एचएम शाह के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। कश्मीर घाटी में, केंद्रीय गृह मंत्री के लिए 5 अक्टूबर को होनेवाले कार्यक्रम में राजभवन, श्रीनगर में सुरक्षा समीक्षा बैठक, बारामूला में सार्वजनिक रैली और केंद्रीय राजधानी के लिए उनके प्रस्थान से पहले विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और नींव रखना शामिल है।"
सूत्रों ने कहा कि पुलिस शहीदों के कुछ परिवारों के साथ भी उनकी मुलाकात की संभावना हो सकती है, लेकिन यह उनके कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।
एचएम के दौरे के मद्देनजर, जम्मू-कश्मीर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सूत्रों ने कहा, "सतर्कता बनाए रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।"
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