मोदी ने कहा, "हम महिलाओं और बेटियों को जितना अधिक अवसर देंगे, उनके योगदान से हमें उतना ही अधिक लाभ मिलेगा।"
नई दिल्ली, 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से नौवीं बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के प्रति 'मानसिकता में बदलाव' का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान भारत के विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है साथ ही उन्होंने 'नारी शक्ति' को समर्थन देने की आवश्यकता पर बल दिया और रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं के प्रति मानसिकता को बदलने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा, "मेरा हर भारतीय से एक अनुरोध है। क्या हम रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी महिलाओं के प्रति मानसिकता बदल सकते हैं। नारी शक्ति का गौरव भारत के सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महिलाओं का सम्मान भारत के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हमें जरूरत है की आज हम सभी अपनी नारी शक्ति का समर्थन करें।"
उन्होंने कहा, "हमारे आचरण में विकृति आ गई है और हम कई बार महिलाओं का अपमान करते हैं। क्या हम अपने व्यवहार में इससे छुटकारा पाने का संकल्प ले सकते हैं।" पीएम मोदी ने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं को अपमानित करने वाली हर चीज से छुटकारा पाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि भाषण और आचरण में हम ऐसा कुछ भी न करें जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचे।"
मोदी ने कहा, "हम महिलाओं और बेटियों को जितना अधिक अवसर देंगे, उनके योगदान से हमें उतना ही अधिक लाभ मिलेगा।"
खेल से लेकर सेना तक विभिन्न क्षेत्रों में सबसे आगे आने के लिए देश की महिलाओं की सराहना करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "आने वाले 25 वर्षों में, मैं देश की महिलाओं का एक बड़ा योगदान देखूंगा। मैं सभी से महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं।"
"शिक्षा हो या विज्ञान, खेल हो या युद्ध का मैदान, भारत की महिलाएं एक नई क्षमता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुझे आने वाले 25 वर्षों में महिलाओं द्वारा बहुत अधिक योगदान दिखाई देता है।


0 टिप्पणियाँ