उड़ी के दूरदराज़ इलाक़ों में आर्मी का सराहनीय क़दम, 243 लोगों को मुफ़्त कृत्रिम अंग और दूसरे सहायक उपकरण फ़राहम


उड़ी, 18 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर के सरहदी इलाक़ों में रहने वाले ज़रूरतमंद लोगों की मदद के लिए भारतीय सेना की तरफ़ से एक सराहनीय पहल की गई। बजरंग बटालियन ने कालापहाड़ ब्रिगेड के तहत, प्रीतम स्पिरिचुअल फ़ाउंडेशन और जयपुर फुट के तआवुन से उड़ी में 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक तीन रोज़ा आर्टिफ़िशियल लिम्ब कैंप का इनइक़ाद किया।

इस कैंप के दौरान उड़ी और बोनियार के दूरदराज़ सरहदी गांवों से ताल्लुक़ रखने वाले कुल 243 लोगों को मुफ़्त कृत्रिम अंग, कैलिपर्स और दूसरे ज़रूरी सहायक उपकरण फ़राहम किए गए। इसके अलावा, 43 लोगों को व्हीलचेयर और 76 लोगों को सुनने में मदद देने वाले उपकरण भी दिए गए।

इस पहल का मक़सद उन लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाना है, जिन्हें शारीरिक चुनौतियों की वजह से रोज़मर्रा के कामकाज में मुश्किलात का सामना करना पड़ता है। मुफ़्त सहायक उपकरणों की फ़राहमी से न सिर्फ़ उनकी आवाजाही में आसानी होगी, बल्कि उन्हें ख़ुद पर एतमाद बढ़ाने और ज़्यादा ख़ुदमुख़्तार ज़िंदगी गुज़ारने में भी मदद मिलेगी।

उड़ी और बोनियार जैसे दूरदराज़ सरहदी इलाक़ों में इस तरह के कल्याणकारी इक़दामात की ख़ास अहमियत है, जहां कई बार बुनियादी सहूलियात और ज़रूरी सेवाओं तक रसाई एक चुनौती बन जाती है। ऐसे में भारतीय सेना की यह पहल ज़रूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने और उन्हें एक बेहतर, बा-वक़ार ज़िंदगी गुज़ारने के क़ाबिल बनाने की कोशिश को उजागर करती है।

यह तीन रोज़ा कैंप इस बात की मिसाल है कि इंसानी हमदर्दी, आपसी तआवुन और वक़्त पर मिलने वाली मदद किसी की ज़िंदगी में कितनी अहम तब्दीली ला सकती है। सरहदी इलाक़ों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे इक़दामात उम्मीद, हौसले और ख़ुद-एतमादी को मज़बूत करने में अहम किरदार अदा करते हैं।

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