बोनियार (बारामूला): कश्मीर घाटी के सीमावर्ती क्षेत्र बोनियार में चिनार कोर द्वारा आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन (ESM Rally) एक यादगार और भावनात्मक आयोजन बन गया, जिसमें बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों ने भाग लिया। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं, उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया तथा उनके परिवारों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया।
कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में एक विशेष उत्साह और अपनत्व का माहौल देखने को मिला। वर्षों तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिक जब एक बार फिर सेना के अधिकारियों और अपने पुराने साथियों से मिले तो उनके चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पूर्व सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
सम्मेलन के दौरान अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पेंशन संबंधी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा पुनर्वास कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। कई पूर्व सैनिकों ने अपने अनुभव और सुझाव अधिकारियों के साथ साझा किए, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई सेना की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर आयोजित संवाद सत्र में कई ऐसे सैनिक भी उपस्थित थे जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दी थीं। उनके अनुभवों ने युवा पीढ़ी और उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। कार्यक्रम में वीर नारियों का विशेष सम्मान किया गया और उनके योगदान को भी पूरे सम्मान के साथ याद किया गया।
रैली का एक भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने उनकी पत्नियों, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाए। यह दृश्य सेना और सैनिक परिवारों के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है। कई पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद भी सेना द्वारा उन्हें दिया जाने वाला सम्मान और सहयोग उनके मन में गर्व की भावना को और मजबूत करता है।
कश्मीर घाटी में आयोजित ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि ये सेना और समाज के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जब सेना पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करती है, तो इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों का भरोसा और अधिक मजबूत होता है।
चिनार कोर द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले पूर्व सैनिक सम्मेलन इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय सेना अपने सैनिकों को केवल सेवा अवधि तक ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने परिवार का हिस्सा मानती है। सेना का यह दृष्टिकोण उसे दुनिया की सबसे पेशेवर और मानवीय सेनाओं में से एक बनाता है। पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सहायता, पेंशन संबंधी मार्गदर्शन, कौशल विकास और परिवार कल्याण जैसी अनेक योजनाएं इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित कई पूर्व सैनिकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपनी समस्याओं को रखने का अवसर मिलता है, बल्कि पुराने साथियों से मिलने और सेना के साथ अपने रिश्ते को फिर से जीवंत करने का भी मौका मिलता है। उन्होंने इस पहल के लिए सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान और अपनापन उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है।
बोनियार में आयोजित यह पूर्व सैनिक सम्मेलन एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय सेना अपने सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सदैव समर्पित रहती है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति यह सम्मान और संवेदनशीलता सेना की उस परंपरा का हिस्सा है, जिसमें सैनिक और उसका परिवार हमेशा सर्वोपरि माना जाता है।
कश्मीर की धरती पर आयोजित इस सफल कार्यक्रम ने न केवल पूर्व सैनिकों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि सेना और स्थानीय समुदाय के बीच सौहार्द, विश्वास और सहयोग की भावना को भी और अधिक सशक्त किया। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि राष्ट्र की सेवा करने वाले सैनिकों का सम्मान केवल उनकी वर्दी तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके पूरे जीवन और उनके परिवारों तक विस्तारित रहता है।

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