ज़राए के मुताबिक, केरन और माछल वैली जैसे दूर-दराज़ इलाकों से 2,000 से ज़्यादा नौजवान इस भर्ती ड्राइव में शामिल हुए। इतनी बड़ी तादाद में शिरकत इस बात की वाज़ेह निशानी है कि वादी के नौजवान अब तरक़्क़ी, इस्तेहकाम और रोशन मुस्तक़बिल की तरफ़ बढ़ रहे हैं।
नया और बदलता हुआ कश्मीर अब ऐसे नौजवानों की तस्वीर पेश कर रहा है जो ना सिर्फ रोज़गार के मौकों की तलाश में हैं, बल्कि मुल्क की ख़िदमत का जज़्बा भी अपने दिलों में रखते हैं। मुक़ामी सतह पर इस तरह की पहल ना सिर्फ रोजगार का ज़रिया बन रही है बल्कि अवाम और इदारों के दरमियान एतमाद को भी मज़बूत कर रही है।
माहिरीन का कहना है कि इस तरह की मुहिम कश्मीर में अमन, तरक़्क़ी और मुसबत तबदीली की नई राहें खोल रही है, जहां नौजवान अब तसादुम के बजाय मौकों को तरजीह दे रहे हैं।

0 टिप्पणियाँ