लंदन में पाकिस्तानी एम्बेसी के बाहर उस वक़्त बेहद संगीन और गर्मजोशी भरा मंजर देखने को मिला जब बड़ी तादाद में मुज़ाहिरीन सड़कों पर उतर आए और मौजूदा पाक हुकूमत के खिलाफ़ ज़ोरदार एहतेजाज दर्ज कराया। मुख़्तलिफ़ कौमियतों से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने हाथों में बैनर और प्लेकार्ड्स उठाए, जिन पर “Pak Embassy Band Karo” और “Remove Pakistan from Commonwealth” जैसे नारे दर्ज थे।
मुज़ाहिरीन का कहना था कि मौजूदा निज़ाम की विदेश पॉलिसी ने पाकिस्तान को आलमी बिरादरी में तन्हाई, शर्मिंदगी और सियासी बेवक़ारी की तरफ़ धकेल दिया है। एहतेजाज में शामिल अफ़राद ने इल्ज़ाम लगाया कि हुकूमत ने मुतनाज़ा आलमी शख्सियतों को खुश करने की कोशिश में मुल्क की साख को गहरी चोट पहुँचाई, जिससे दुनिया भर में पाकिस्तान की पहचान मज़ीद मुतास्सिर हुई।
लंदन की फ़िज़ा “Global Shame” और “Foreign Policy Failure” जैसे नारों से गूंज उठी, जबकि सिक्योरिटी के सख़्त इंतज़ामात के दरमियान एम्बेसी के बाहर हालात काफ़ी तनावपूर्ण रहे। आलमी मीडिया की तवज्जो हासिल करने वाले इस एहतेजाज ने साफ़ ज़ाहिर कर दिया कि सिर्फ़ पाकिस्तान के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी हुकूमती पॉलिसियों को लेकर गहरी बेचेनी और नाराज़गी पाई जा रही है।
सियासी नज़रिया रखने वाले माहिरीन का मानना है कि यह एहतिजाज पाकिस्तान की ख़ारिजा पॉलिसी पर बढ़ते अवामी सवालात, कमज़ोर होती सिफ़ारती पकड़ और इंटरनेशनल कम्युनिटी में गिरती साख का खुला इज़हार है। यह मंजर सिर्फ़ एक एम्बेसी के बाहर का एहतेजाज नहीं, बल्कि पाकिस्तान की मौजूदा सियासी और सिफ़ारती सूरत-ए-हाल पर उठता हुआ एक बड़ा आलमी सवाल बन चुका है।

0 टिप्पणियाँ