16 वर्षीय यास्मीन जम्मू के अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है

राजौरी जिले के कोटरंका के बधाल गांव में फैली एक अज्ञात बीमारी के कारण रविवार से अब तक उसकी तीन बहनों और दो भाइयों की मौत हो चुकी

राजौरी, 18 जनवरी : छह भाई-बहनों में अकेली जीवित बची मुहम्मद असलम की बेटी 16 वर्षीय यास्मीन कौसर, गंभीर हालत में जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।

राजौरी जिले के कोटरंका के बधाल गांव में फैली एक अज्ञात बीमारी के कारण रविवार से अब तक उनकी तीन बहनों और दो भाइयों की मौत हो चुकी है।

यास्मीन और उसके पांच भाई-बहन रविवार (12 जनवरी) को बीमार पड़ गए और उन्हें उप-जिला अस्पताल कंडी में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें पहले जीएमसी एसोसिएटेड अस्पताल, राजौरी तथा बाद में जीएमसी जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यास्मीन की हालत गंभीर है और उसे जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है।

उसके पांच मृत भाई-बहनों की पहचान जहूर अहमद (14), नबीना कौसर (6), मुहम्मद मारूफ (8), सफीना कौसर (12) और जबीना कौसर (10) के रूप में हुई है।

यास्मीन के पिता मुहम्मद असलम ने न केवल अपने पांच बच्चों को खोया है, बल्कि अपने चाचा और चाची को भी खो दिया है। उनके चाचा मुहम्मद यूसुफ और उनकी पत्नी जट्टी बेगम मुहम्मद असलम के परिवार के साथ एक ही घर में रह रहे थे।

जट्टी बेगम की गुरुवार (16 जनवरी) देर शाम इस बीमारी से मृत्यु हो गई, जबकि उनके पति मोहम्मद यूसुफ की 14 जनवरी को इसी तरह की स्थिति में मृत्यु हो गई थी।

इस बीच, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने भी यास्मीन का हालचाल जानने के लिए जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल का दौरा किया।

इस अवसर पर उनके साथ बुधल के विधायक जावेद चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।




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