13 साल बाद कालाकोट के गांवों में बंदूकें गूंजीं; निवासियों में दहशत फैल गई


राजौरी, 22 नवंबर : लगभग तेरह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिससे राजौरी जिले के कालाकोट गांवों के निवासियों में दहसत का माहोल पैदा हो गया।

अधिकारियों ने कहा कि कल सुबह राजौरी जिले के कालाकोटे के बाजी माल इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा घेरा तथा तलाशी अभियान शुरू करने के बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

कालाकोट के सोलकी, बाजी माल, ब्रेवी, केरी, जब्बार गांवों वाले क्षेत्र में लंबे अंतराल के बाद गोलाबारी देखी गई है जिसमे सेना के दो अधिकारी समेत ४ जवान शहीद हो गये। स्थानीय लोगो ने बताया की इस क्षेत्र में आखिरी मुठभेड़ लगभग तेरह साल पहले हुई थी। 

स्थानीय लोगों ने बताया कि साल 2010 में इलाके में एक मुठभेड़ हुई थी। हालांकि, उसके बाद स्थिति शांत रही। लेकिन अब जब 13 साल के अंतराल के बाद इलाके में ताजा मुठभेड़ हो रही है, तो हर कोई सदमे तथा डर की स्थिति में है। उन्होंने कहा, 'लोग शांति चाहते हैं, विनाश नहीं।' लेकिन हमारे शान्तप्रय इलाके को आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। 

बाजी माल के निवासी मुहम्मद दीन ने कहा, ''इलाके में कल सुबह गोलीबारी शुरू हुई। हम सभी डर की स्थिति में हैं।' ग्रामीणों में दहशत है।”

उन्होंने कहा, ''हम शांति चाहते हैं, न कि गोलियों की गूंज जो डर पैदा करती है।'' उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के कारण लोग पानी भी नहीं ला सके।

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