मेजर जनरल चांदपुरिया ने कहा, "जब तक अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में थे, तब तक स्थिति अलग थी, लेकिन जब से वे पिछले साल अगस्त में चले गए, अत्याधुनिक हथियारों और नई पीढ़ी के नाइट विजन उपकरणों को निश्चित रूप से नियंत्रण रेखा पर पहुंचा दिया गया है।"
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श्रीनगर 20 फरवरी: हाल के महीनों में नियंत्रण रेखा पर मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादियों से पिछले साल तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए अत्याधुनिक हथियारों का उनके पास से मिलना इस बात की ओर इशारा है की ये हथियार "कभी भी कश्मीर पहुंच सकते हैं", सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है।
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल अजय चांदपुरिया ने कहा कि उन्होंने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास मारे गए आतंकवादियों से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने अफगानिस्तान में किया था।
#WATCH | J&K: Maj Gen Ajay Chandpuria, GOC Dagger Division, Army says, "...Weapons/devices recovered from terrorists killed at LoC weren't commonly seen. These were in Afghanistan when US troops left. Our analysis - not only terrorists but weapons can also come to Kashmir."(18.2) pic.twitter.com/7C2xltz141
— ANI (@ANI) February 19, 2022
मेजर जनरल चांदपुरिया ने कहा, "जब तक अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में थे, तब तक स्थिति अलग थी, लेकिन जब से वे पिछले साल अगस्त में चले गए, उनके अत्याधुनिक हथियारों और नई पीढ़ी के नाइट विजन उपकरणों को निश्चित रूप से नियंत्रण रेखा पर पहुंचा दिया गया है।"
उन्होंने कहा, "पिछले साल एलओसी पर घुसपैठ की 6-8 कोशिशें हुई हैं जिन्हें हमने नाकाम कर दिया है, लेकिन बरामद हथियार और गोला-बारूद आमतौर पर यहां नहीं देखे जाते हैं। यह अफगानिस्तान में थे जब अमेरिकी सैनिकों को वहां तैनात किया गया था।"
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