सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों का प्रयास घाटी में शांति बनाए रखना है और अपने जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना है।
सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी), डीएस चौधरी ने अर्धसैनिक बल के अधिकारियों और जवानों की अगुवाई में श्रीनगर से करीब 25 किलोमीटर दूर शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।
चौधरी और सीआरपीएफ के अन्य कर्मियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन 40 कर्मियों के बलिदान को सलामी दी, जो एक आत्मघाती हमलावर के द्वारा विस्फोटक से भरे वाहन को जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ के काफिले में एक बस को टक्कर मार कर शहीद कर दिया था।
चौधरी ने समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा कि हम उनके बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। पुलवामा हमले में अपनी जान गंवाने वाले 40 बहादुर जवानों को याद करने के लिए हम हर साल इस दिन यहां एक साथ इकठ्ठा होते हैं।
सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों का प्रयास घाटी में शांति बनाए रखना है, जिसे हम पूरी मुस्तैदी से निभाते आये है। साथ ही हमारा वादा है की हम अपने जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
कांस्टेबल अरूप देबनाथ ने कहा कि अगर दुश्मन को लगता है कि ऐसे हमलों से हमारा मनोबल टूट सकता है तो गलत है। मेरे देश के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनकी सुरक्षा के लिए हम लोग हमेशा तैयार हैं।
सीआरपीएफ के एक अन्य जवान एसएनएस मुंडा ने कहा कि हमें अपने साथियों की याद तो बहुत आती है, लेकिन उनके उनके बलिदान को हम सलाम करते है।
यह श्रद्धांजलि एक संदेश है कि हम उन्हें नहीं भूले हैं, हम उन लोगों को हमेशा याद करते हैं जिन्होंने हम सभी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
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