कश्मीर घाटी में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में Indian Army ने एक और सराहनीय पहल करते हुए “गो ग्रीन इनिशिएटिव” के तहत छात्रों के लिए विशेष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। 23 मई 2026 को हाजीपीर आर्मी गुडविल स्कूल के 30 छात्रों और 2 शिक्षकों को ज़ांगली गैरीसन का दौरा कराया गया, जहाँ उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।

इस शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कचरे से कागज़ तैयार करने की प्रक्रिया, पानी को ऊपर पहुंचाने वाली प्रणालियों और आधुनिक जल शुद्धिकरण तकनीकों को करीब से देखा और समझा। सेना के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बच्चों को बताया कि प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल और पर्यावरण की सुरक्षा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए कितनी अहम है।

ज़ांगली गैरीसन में आयोजित इन सत्रों के दौरान छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने पहली बार जल शुद्धिकरण और रीसाइक्लिंग सिस्टम को इतने करीब से देखा। बच्चों ने सवाल पूछकर पर्यावरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने की कोशिश की। शिक्षकों ने भी इस पहल को “ज्ञान और जागरूकता का बेहतरीन संगम” बताया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में इस तरह के कार्यक्रम केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहते बल्कि युवाओं के सोचने के तरीके को भी बदलते हैं। पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहे कश्मीर में पानी की बचत, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर जागरूकता बेहद जरूरी मानी जा रही है। ऐसे में भारतीय सेना की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

Indian Army के अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि “गो ग्रीन” केवल एक अभियान नहीं बल्कि जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का संदेश है। उन्होंने कहा कि अगर युवा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जागरूक होगी तो आने वाले समय में घाटी को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा बनाए रखना आसान होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा चलाए जा रहे सद्भावना कार्यक्रमों ने स्थानीय युवाओं और समुदायों के बीच सकारात्मक संवाद को मजबूत किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सेना की भागीदारी ने लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया है। “ऑपरेशन सद्भावना” के तहत चल रही ऐसी पहलें घाटी में सामाजिक समरसता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

दौरे के अंत में छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए कहा कि वे अपने स्कूलों और गांवों में भी स्वच्छता, पानी की बचत और रीसाइक्लिंग के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। कई बच्चों ने कहा कि यह दौरा उनके लिए केवल एक विजिट नहीं बल्कि “नई सोच और नई जिम्मेदारी” सीखने का अनुभव रहा।

स्थानीय शिक्षकों और अभिभावकों ने भारतीय सेना की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में मदद करते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से ही घाटी में स्थायी शांति और विकास का माहौल मजबूत हो सकता है।

कश्मीर में आयोजित यह “गो ग्रीन” शैक्षणिक भ्रमण एक बार फिर यह दिखाता है that Indian Army केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाकर लोगों के दिलों में भरोसा और अपनापन पैदा कर रही है।